
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
एक नवीन अध्ययन के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद के शोधकर्ताओं ने रक्त में शर्करा की निगरानी हेतु एक प्रकाश आधारित रक्त शर्करा संवेदक विकसित किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह रक्त-शर्करा (रक्त में स्थित ग्लूकोज की मात्रा) को १० से २०० मिग्रा की विस्तृत सीमा तक माप सकता है। एक स्वस्थ वयस्क के लिए खाली पेट की स्थिति में रक्त शर्करा का औसत स्तर ७० से १२० मिलीग्राम/डेसीलीटर तक होता है।
शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि कैसे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने वाला स्यूडोमोनास नामक जीवाणु कार्बारिल को हज़म कर जाता है
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने चेन्नई में बाढ़ का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रणाली डिज़ाइन की है।
शोधकर्ताओं ने टिकाऊ, कम शक्ति की खपत वाले ग्राफीन ट्रांजिस्टर बनाने के लिए एक नवीन तकनीक की खोज की है
आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने देश का पहला स्वदेशी रूप से रचित और निर्मित माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया है।
शोधकर्ताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट से सार्थक डेटा निकालने के लिए एक खोज प्रणाली विकसित की है
क्या आपने कभी फुटबॉल वर्ल्ड कप देखते समय, मध्यांतर में ट्विटर पर 'गोल' या 'किक' जैसे शब्दों को खोजने की कोशिश की है? यदि हाँ, तो आप शायद यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि पहले हाफ में पेनल्टी किक पर गोल किसने किया किंतु सम्भव है कि खोज परिणामों में फुटबॉल गोल के बजाय गोल अर्थात ‘जीवन-लक्ष्य’ और किक की जगह कॉफी पीने से मिलने वाली ‘किक’ संबंधित विकल्प आपके सामने आ जाए!
मूत्र को रोके रखने वाली माँसपेशियों का संचालन करने वाली वैद्युतीय गतिविधियाँ मूत्र असंयमिता (Urinary Incontinence) को समझने की कुंजी हैं।
आई. आई. टी. बॉम्बे के शोधार्थियों ने अत्यंत छोटे एवं किफ़ायती लेंस बनाने की तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोग स्मार्टफोन में किया जा सकता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग का उपयोग कर मलेरिया, तपेदिक, आंतों के परजीवी, और सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए एक धारणीय उपकरण विकसित किया है।
मिलिट्री संचार व्यवस्था को कैसे और मज़बूत बनाएँ - भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई द्वारा एक सैद्धांतिक अध्ययन