
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
कभी सोचा है कि क्यों सुई चुभने पर तो दर्द होता है, पर खून चूसने के लिए मच्छर द्वारा त्वचा बेधने पर एहसास भी नहीं होता? ग़ौरतलब, यह त्वचा को कैसे छेदा गया है इस पर निर्भर करता है! जहाँ मच्छर अपनी सूंड को आरे के समान आगे-पीछे चलाते हुए त्वचा को काटते हैं, वहीँ सुई त्वचा के ऊपर पूरा बल लगाकर उसे छेदती है।
बैंकिंग लेनदेन से लेकर, रक्षा और निगरानी अनुप्रयोगों तक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवश्यकता सभी स्तरों पर व्याप्त है। संयुक्त राज्य अमेरिका की हाल ही की रिपोर्टों में, चीन के चिप निर्माता की जासूसी या वाणिज्यिक अमेरिकी चिप्स पर गहरी सुरक्षा होने का संदेह है, इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता के महत्व को सामने लाता है। ऐसे ही एक प्रयास में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई (आईआईटी मुंबई ) के प्राध्यापक उदयन गांगुली और उनके समूह ने आंकड़ों और ई-कॉमर्स एवं बैंकिंग लेनदेन के भंडारण की सुरक्षा के लिए एक हार्डवेय
आईआईटी और आईआईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने दुर्लभ कोशिकाओं को खोजने के लिए एक एल्गोरिदम डिज़ाइन किया है।
भारतीय विज्ञान संस्थान-बेंगलुरु, सीडर-सायनाइ मेडिकल सेंटर-यूएसए और क्लीवलैंड क्लिनिक फ़ाउंडेशन- यूएसए के शोधकर्ताओं द्वारा एक अध्ययन में जीवन के विकास को लेकर लम्बे समय से अनसुलझा एक रहस्य सुलझाया गया लगता है। ‘द जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्री’ में प्रकाशित अध्ययन, आज से करीब एक अरब साल पहले के जानवरों के पूर्वजों में दो जीनों के संलयन के बारे में एक ठोस व्याख्या प्रदान करता है।
आई आई टी मुंबई के शोधकर्ताओंने बहुलक आधारित जैवकृत्रिम अग्न्याशय का निर्माण किया
शोधकर्ता ऊर्जा बैकअप के लिए विभिन्न बैटरी प्रणालियों की तुलना करने का तरीका सुझाते हैं।
कम्प्यूटर की मदद से व्यंगात्मक शब्दों के पता लगाने की तकनीक पर भारतीय परौद्योगिक संस्थान बम्बई के शोधार्थियों द्वारा विभिन्न दृष्टिकोणों से किया गया सर्वेक्षण
आई आई टी मुंबई के संशोधकोंने गावों में इस्तेमाल के लिए किफायती और कम रखरखाव वाला आर्सेनिक फ़िल्टर विकसित किया
भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान मुंबई के वैज्ञानिकों द्वारा स्वास्थ्य के संकेतक ई सी जी और ई ई जी की लगातार निगरानी के लिए कम लागत और ऊर्जा की खपत वाला वायरलेस धारणीय उपकरण विकसित
आईआईटी बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मजीव बायोरिफाइनरीज़ के लाभप्रदता का आंकलन उसके सहउत्पाद के बाज़ार की मांग और कार्बन कैप्चर के आधार पर किया