
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
सुनामी एवं तटीय बाढ़ जैसी विकट स्थितियों में लहरों के वेग एवं मलबे के दुष्प्रभावों के शमन हेतु एक स्थायी एवं स्थिर समाधान
वैज्ञानिकों द्वारा ऐसा साधन का विकास जो अल्ट्रासाउंड से संचालित होने पर दवाओं का कहीं अधिक प्रभावी रूप से परिदान कर सकता है
भारतीय प्रौद्योगिकी संसथान के संशोधकों ने रेणुओं को जलद तथा सटीक तरह से भांपने की प्रणाली विक्सित की
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्राध्यापक नितिन सक्सेना को बीजगणित कॉम्प्लेक्सिटी थ्योरी में उनके काम के लिए २०१८ के शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कम उम्र मे ही भटनागर पुरस्कार पाने वाले प्राध्यापक सक्सेना, कम्प्यूटेशनल कॉम्प्लेक्सिटी, बीजगणितीय ज्यामिति आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर रहे हैं।
आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ताओ ने नज़दीकी मोबाइल से डेटा का उपयोग करके बेहतर स्थिति पता करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है।
आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ताओ ने ग्रैफीन नैनोरिबन्स का उपयोग करके अत्यधिक कुशल ट्रांजिस्टर बनाया है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्राध्यापक अमित कुमार, जसविंदर और प्राध्यापक तरविंदर चड्ढा को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रतिष्ठित शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें गणितीय विज्ञान श्रेणी के अंतर्गत मिश्रित अनुकूलन (कॉम्बिनेटोरियल ऑप्टिमाइज़ेशन) और ग्राफ-सैद्धांतिक एल्गोरिथम के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने सेवा प्रदाताओं के लिए आपके मोबाइल उपकरणों के लिए सही नेटवर्क को कुशलता से प्रबंधित करने के लिए एल्गोरिदम प्रस्तावित किए।
शोधकर्ता बचाव कार्यों में मदद के लिए उपग्रह छवियों की मदद से, तेज़ी से खोज को सक्षम करने के लिए एक प्रणाली का प्रस्ताव देते हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई के शोधकर्ता, एनीलिंग के माध्यम से टाइटेनियम की मशीनिंग को आसान करने के तरीकों पर काम कर रहे हैं
ताँबा (कॉपर) मानव में तंत्रिका और प्रतिरक्षा प्रणाली के सुचारू कामकाज के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। यह पौधों के विकास और प्रजनन में भी एक महत्त्वपूर्ण एवं नियामक भूमिका निभाता है। शरीर मे ताँबे की कमी रक्त और तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकारों का कारण बनती है जबकि इसकी अतिरिक्त मात्रा जहरीली हो सकती है जिसके परिणामस्वरूप अल्ज़ाइमर रोग और सूजन संबंधी विकार उत्पन्न हो जाते हैं। हाल ही के एक अध्ययन में बायोसाइंसेज और बायोइंजिनियरिंग विभाग, भारतीय प्रौ